पत्ता पत्ता बूटा बूटा, बस आज खुशी से झूम रहा है

पत्ता पत्ता बूटा बूटा, बस आज खुशी से झूम रहा है
मेरी आँखों के शीशे में भी, अक्स तुम्हारा घूम रहा है
आज सुना है तुम आओगे, सुरम्य संगीत की तान लिए
मदमाती मस्ती की मय का, अपनी आंखों में जाम लिए
हम भी प्रतीक्षा में अधीर हैं, अति शीघ्र आ जाओ तुम
तड़प रहे है हम तेरे प्यार को, आके जल्द लुटाओ तुम
गुल गुलशन की तो बात अलग, कांटे भी उत्साहित है
उनका भी एक स्नेह निमंत्रण, तेरे स्वागत मे प्रस्तवित है
बहुत दिनों के बाद आज, चमन में दीवाली सी आयी है
तू आएगी इसी खुशी में, चमन ने होली सुबह मनाई है
आज चाँद की धवल चांदनी, इस उपवन में बिखरेगी
मृदु गीतों की स्वर माला, वीणा के तारों पर उतरेगी
गुलशन में बस उत्सव होगा, और जीव जंतु तक नाचेंगे
दसों दिशाओं में खुशियां होंगी, दुख दूर यहां से भागेंगे
उपकार बहुत उस ईश्वर का, जिसने दिन ये दिखलाया है
कण कण में फैलाया प्रकाश, अंधेरा हमसे दूर भगाया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *